श्रीलंका में PM मोदी का तीन दिवसीय दौरा: रणनीति, समझौते और भू-राजनीतिक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का श्रीलंका दौरा इस बार खासा चर्चा में है। जहां आमतौर पर मोदी जी विदेशी दौरों पर बहुत कम समय बिताते हैं, वहीं इस बार वे पूरे तीन दिन श्रीलंका में रुक रहे हैं। यह उनका श्रीलंका का चौथा दौरा है और पिछली बार वे 2019 में वहां गए थे।
आखिर क्यों तीन दिन का दौरा?
मोदी जी के कार्यक्रम आमतौर पर बेहद व्यस्त रहते हैं। वे मीटिंग्स का सिलसिला हवाई जहाज से उतरते ही शुरू कर देते हैं और अधिकतर रात को ही वापस भारत लौट आते हैं। ऐसे में तीन दिन का श्रीलंका दौरा कई सवाल खड़े करता है।
दरअसल, इसके पीछे है हिंद महासागर क्षेत्र में चीन का बढ़ता प्रभाव और भू-राजनीतिक संतुलन बनाने की भारत की रणनीति। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या इजराइल-हमास संघर्ष, इन सबके शांत होने के बाद अमेरिका का फोकस अब चीन और उसके सहयोगी देशों जैसे ईरान पर केंद्रित होने वाला है। भारत इस दिशा में पहले से ही एक्टिव हो गया है।
प्रमुख समझौते और सहयोग
1. रक्षा और समुद्री सुरक्षा
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मैरिटाइम पेट्रोलिंग, इंटेलिजेंस शेयरिंग, जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज और ट्रेनिंग पर सहमति बनी है।
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इंडियन आर्म्ड फोर्सेस और श्रीलंकन आर्म्ड फोर्सेस के बीच तालमेल बढ़ेगा।
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यह रक्षा सहयोग भारत को क्षेत्र में निगरानी और स्थायित्व बनाए रखने में मदद करेगा।
2. ऊर्जा सहयोग
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120 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट ट्रिंकोमली में शुरू होगा जिसमें NTPC और सिलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड साथ काम करेंगे।
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इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कनेक्टिविटी और LNG सप्लाई पर भी समझौते हुए हैं ताकि भारत से श्रीलंका को बिजली और गैस की आपूर्ति हो सके।
3. टेक्नोलॉजी और इकोनॉमिक कोऑपरेशन
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एक नया आर्थिक और तकनीकी सहयोग समझौता (ETCA) साइन हुआ है।
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भारत अपने स्टार्टअप और टेक इकोसिस्टम को श्रीलंका के साथ साझा करेगा।
4. रेलवे सेफ्टी टेक्नोलॉजी
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महो अनुराधापुरा रेलवे सेक्शन में भारत सुरक्षा तकनीक मुहैया कराएगा।
5. शिक्षा और प्रशासनिक ट्रेनिंग
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भारत 200 श्रीलंकन छात्रों को जाफना और ईस्टर्न यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप देगा।
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1500 श्रीलंकन सिविल सर्वेंट्स हर साल भारत में ट्रेनिंग लेंगे।
6. मछुआरों से जुड़े विवादों का समाधान
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भारत और श्रीलंका मिलकर कोस्टल सिक्योरिटी, इंटेलिजेंस और मछुआरों से जुड़ी समस्याओं पर सहयोग बढ़ाएंगे।
श्रीलंका से मिला सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका के राष्ट्रपति द्वारा देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘मित्र विभूषण’ प्रदान किया गया। 21 तोपों की सलामी और भव्य स्वागत समारोह इस बात का प्रमाण है कि श्रीलंका भारत के इस सहयोग को किस स्तर पर महत्व दे रहा है।
निष्कर्ष:
भारत और श्रीलंका के बीच यह दौरा केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना, श्रीलंका को सहयोग देकर दोस्ती और प्रभाव दोनों बढ़ाना — यही भारत की दूरदर्शी नीति का संकेत है।
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